अगर तुम न होते ......
ये चाहते ,ये रौनके न होती ...
अगर तुम न होते ...
ज़िन्दगी तो थी पर जी न पाते ...
अगर तुम न होते ...
तुझे पाने की कोशिश तो न की ,पर सब
कुछ खो बैठते ...
अगर तुम न होते ...
जख्म तो आज भी है ,पर इन्हें भूल न पाते ...
अगर तुम न होते ...
दुनिया क लिए भले ही तू एक कतरा है ,पर मेरी तो दुनिया ही अधूरी होती ...
अगर तुम न होते ...
दुनिया ने दर्द तो बहुत दिया , पर कभी बयान न कर पाते ...
अगर तुम न होते ...
साथ निभाने का वादा तो बहुतो ने किया पर मुझे इल्म था वो साथ नहीं फरेब होता
...
अगर तुम न होते ...
ज़िन्दगी ने सब कुछ दिया पर किसी को खोने का डर न होता ...
अगर तुम न होते ..
तूने मेरे दर्द को समझा ,जों इस सीने में दफ़न था ...
नहीं तो जीत हार क इस खेल में दर्द जीत जाता अगर तुम न होते ...
अगर तुम न होते ...
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